भारत-चीन रिश्तों पर MEA का बड़ा बयान, ‘तीन आपसी बातों’ पर अमल को बताया जरूरी

भारत-चीन रिश्तों पर MEA का बड़ा बयान, ‘तीन आपसी बातों’ पर अमल को बताया जरूरी

BRICS Summit 2026: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक को लेकर भारत ने अपना रुख स्पष्ट किया है। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच कई मुद्दों पर विस्तार से बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चर्चा के दौरान भारत की चिंताओं को भी प्रमुखता से रखा और दोनों देशों के लिए एक-दूसरे की मुख्य चिंताओं के प्रति संवेदनशील रहना जरूरी बताया।

भारत ने बताया रिश्तों को आगे बढ़ाने का फॉर्मूला

रणधीर जायसवाल के मुताबिक, भारत और चीन के संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए तीन बातों का आपसी रूप से पालन जरूरी है—आपसी सम्मान, आपसी हित और आपसी संवेदनशीलता।

उन्होंने कहा कि चीनी पक्ष के बयान में जिन मुद्दों का जिक्र किया गया है, उनमें से कई विषयों पर दोनों नेताओं की बैठक में चर्चा हुई थी। विदेश मंत्रालय इससे पहले भी प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग की बातचीत तथा उसमें उठाए गए मुद्दों को लेकर विस्तृत जानकारी दे चुका है।

भारत की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि द्विपक्षीय संबंधों में दोनों पक्षों की चिंताओं और हितों को महत्व दिया जाना चाहिए।

जयशंकर की टिप्पणियों पर विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान भारत और चीन के नेताओं की बातचीत को लेकर विदेश मंत्री एस. जयशंकर की टिप्पणियों पर आई मीडिया रिपोर्टों का भी रणधीर जायसवाल ने जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय इस विषय पर पहले ही विस्तृत जानकारी साझा कर चुका है। चीनी पक्ष की ओर से जिन कुछ मुद्दों का उल्लेख किया गया है, उन्हें लेकर भी उन्होंने कहा कि बैठक में उन विषयों पर चर्चा हुई थी, जिनका सवाल में जिक्र किया गया था।

रूस के साथ ऊर्जा सहयोग भी एजेंडे में

रणधीर जायसवाल ने भारत-रूस ऊर्जा सहयोग को दोनों देशों की साझेदारी का महत्वपूर्ण स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि परमाणु ऊर्जा सहित ऊर्जा क्षेत्र में भारत और रूस लंबे समय से सहयोग करते रहे हैं और कुडनकुलम परियोजना इसका सफल उदाहरण है।

भारत रूस के साथ इस सहयोग को और मजबूत तथा विस्तारित करना चाहता है। दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है और तकनीकी टीमें सहयोग से जुड़े अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा कर रही हैं।

सऊदी अरब पर हमले और लाल सागर की स्थिति पर भारत की चिंता

ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर और सऊदी अरब के विदेश मंत्री के बीच हुई बैठक का भी विदेश मंत्रालय ने उल्लेख किया। रणधीर जायसवाल ने बताया कि दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम सहित कई मुद्दों पर चर्चा की।

बातचीत में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब पर हालिया हमलों का मुद्दा भी उठा। भारत ने सऊदी अरब पर हुए हमलों की निंदा की और कहा कि नागरिक बुनियादी ढांचे तथा आर्थिक संपत्तियों को निशाना बनाने वाले हमले क्षेत्रीय स्थिरता को कमजोर करते हैं।

भारत ने लाल सागर में बिगड़ती स्थिति और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य में आवाजाही की स्वतंत्रता को लेकर भी गंभीर चिंता जताई। भारत ने जल्द शांति और स्थिरता बहाल होने की उम्मीद व्यक्त की।