IIT बॉम्बे में छात्र के सुसाइड मामले में बड़ी कार्रवाई, डीन पद से सस्पेंड हुए प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला

IIT बॉम्बे में छात्र के सुसाइड मामले में बड़ी कार्रवाई, डीन पद से सस्पेंड हुए प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला

IIT Bombay Student Case: आईआईटी बॉम्बे ने छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में सोमवार को प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला की डीनशिप तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी। यह फैसला आईआईटी बॉम्बे के निदेशक शिरीष बी. केदारे ने लिया।

इसी के साथ संस्थान ने छात्र की मौत से पहले की घटनाओं को लेकर दिए गए अपने पुराने बयान पर औपचारिक माफी मांगी है। आईआईटी बॉम्बे ने कहा कि मामले की जांच संबंधित अधिकारियों द्वारा की जा रही है और जांच पूरी होने से पहले घटनाओं को किसी तय रूप में पेश करना उचित नहीं था।

प्रोफेसर दूल्ला की डीनशिप क्यों निलंबित हुई?

प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला साहिल वाकोडे की मध्यावधि परीक्षा के दौरान निरीक्षक की भूमिका में थे। छात्र की मौत के बाद उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज की गई है। आईआईटी बॉम्बे के फैसले के बीच संस्थान के फैकल्टी फोरम ने प्रोफेसर दूल्ला का समर्थन किया है। फोरम के मुताबिक, दूल्ला संस्थान की तय शैक्षणिक प्रक्रिया के अनुसार अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।

पुराने बयान पर IIT बॉम्बे ने मांगी माफी

संस्थान ने अपने पहले बयान में छात्र के परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन और चैटजीपीटी इस्तेमाल करने की बात कही थी। अब आईआईटी बॉम्बे ने इस बयान को लेकर माफी मांगी है। संस्थान ने कहा, "हम साहिल की दुर्भाग्यपूर्ण मौत से जुड़ी परिस्थितियों के बारे में अपने पहले के संचार में दिए गए बयानों के लिए माफी मांगते हैं।"

आईआईटी बॉम्बे ने यह भी कहा कि घटना से पहले की परिस्थितियां और उनसे जुड़े विवरण अभी संबंधित अधिकारियों की जांच के अधीन हैं। संस्थान के मुताबिक, जारी जांच के बीच उचित जांच प्रक्रिया से तथ्यों की पुष्टि होने से पहले घटना से जुड़ी परिस्थितियों का विवरण देना या उन्हें किसी रूप में बताना उचित नहीं था।

निदेशक के इस्तीफे की खबर को बताया झूठा

आईआईटी बॉम्बे ने निदेशक शिरीष बी. केदारे के इस्तीफे से जुड़ी खबरों को भी झूठा बताया है। संस्थान ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट कर स्पष्ट किया कि निदेशक ने इस्तीफा नहीं दिया है। आईआईटी बॉम्बे ने कहा, "आईआईटी बॉम्बे के डायरेक्टर ने इस्तीफा नहीं दिया है। हम साफ तौर पर कहते हैं कि इससे जुड़ी खबर झूठी है।"

इससे पहले प्रोफेसर केदारे ने रविवार देर रात प्रदर्शनकारियों से कहा था, "मैं इस्तीफा दे दूंगा; हालांकि, मुझे प्रक्रिया का पालन करना होगा और सोमवार को बैठक के बाद अपना फैसला बताऊंगा।" इसके बाद संस्थान की ओर से निदेशक के इस्तीफे से जुड़ी खबरों को खारिज किया गया।

फैकल्टी फोरम ने प्रोफेसर दूल्ला का किया समर्थन

आईआईटी बॉम्बे फैकल्टी फोरम ने प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला के समर्थन में बयान जारी किया है। फोरम ने कहा कि वह दूल्ला के साथ एकजुटता से खड़ा है। फोरम के अनुसार, प्रोफेसर दूल्ला ने संस्थान की सीनेट से मंजूर शैक्षणिक नीतियों के तहत अपनी जिम्मेदारी निभाई थी। फोरम ने छात्र के परिवार के प्रति संवेदना भी जताई।

फैकल्टी फोरम के मुताबिक, प्रोफेसर दूल्ला 18 सितंबर को सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक मिड-टर्म परीक्षा में निरीक्षक की ड्यूटी पर थे। इसी दौरान उन्होंने एक छात्र को बिना अनुमति स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हुए देखा। फोरम ने इसे "शैक्षणिक कदाचार" बताया।

फोरम के अनुसार, संस्थान की तय प्रक्रिया के तहत प्रोफेसर दूल्ला ने मामले की जानकारी आगे की कार्रवाई के लिए संस्थान के अधिकारियों को दी। फोरम ने कहा कि वह अपने सहयोगी प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला की छवि खराब होने से बेहद दुखी है।

मामले की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को

मुंबई पुलिस ने छात्र की मौत से जुड़े मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है। छात्र के पिता ने परिसर के अधिकारियों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद मुंबई पुलिस ने आईआईटी बॉम्बे के प्रोफेसर और परीक्षा निरीक्षक सूर्यनारायण दूल्ला को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज की। छात्र के पिता ने शिकायत में उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया है कि पिछले तीन महीने के दौरान प्रोफेसर ने छात्र के खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया था। इन आरोपों के आधार पर प्रोफेसर दूल्ला के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच अब मुंबई क्राइम ब्रांच कर रही है।