गूगल का Gemini 4 Argon लॉन्च, कोडिंग से रोबोटिक्स तक काम होगा तेज

गूगल का Gemini 4 Argon लॉन्च, कोडिंग से रोबोटिक्स तक काम होगा तेज
  • गूगल ने Gemini 4 Argon की उपलब्धता शुरू की
  • मॉडल ने एक Pixel CAD फाइल से 3D एनिमेशन तैयार किया
  • गूगल क्रोम की छह मिलियन लाइन वाली कोडबेस में हुआ इस्तेमाल
  • रोबोटिक्स में अपोलो ह्यूमनॉइड को लगातार सात सफल शॉट लगाने में मदद

Google Gemini 4 Argon: गूगल ने अपना नया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल Gemini 4 Argon पेश किया। कंपनी के मुताबिक, यह उसका नया फ्रंटियर मॉडल है, जिसे जटिल समस्याओं को हल करने, कोडिंग और कई चरणों में टूल इस्तेमाल करने जैसे कार्यों के लिए विकसित किया गया है। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने 13 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी क्षमताओं के कुछ उदाहरण साझा किए।

कंपनी ने बताया कि Gemini 4 Argon को Google AI Ultra और Pro सब्सक्राइबर्स के लिए Gemini ऐप और सर्च के AI Mode में उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा, Ultra सब्सक्राइबर्स इसे Google Antigravity और डेवलपर्स व एंटरप्राइज यूजर्स इसे API तथा Gemini प्लेटफॉर्म के माध्यम से इस्तेमाल कर सकते हैं।

Pixel की CAD फाइल से बनाया 3D एनिमेशन

सुंदर पिचाई ने बताया कि गूगल के कर्मचारियों ने Gemini 4 Argon की मदद से कई प्रयोग किए हैं। इनमें एक उदाहरण Pixel फोन की मूल CAD फाइल से जुड़ा है। गूगल Antigravity और Blender MCP के माध्यम से मॉडल ने फोन के अलग-अलग हिस्सों को दिखाने वाला एक्सप्लोडेड-व्यू एनिमेशन तैयार किया। इसमें लाइटिंग, कैमरे की गतिविधियों और ऑडियो को भी शामिल किया गया।

पिचाई के अनुसार, मॉडल ने अपने तैयार किए गए रेंडर की जांच करने और कोड में सुधार करने के लिए 1,000 बार दोहराए गए प्रक्रिया-चक्र चलाए। यह उदाहरण कोडिंग के साथ-साथ कई चरणों में टूल इस्तेमाल करने और अपने काम को बेहतर बनाने की इसकी क्षमता को दर्शाता है।

क्रोमियम के कोड में सुधार का दावा

गूगल ने बताया कि Gemini 4 Argon का इस्तेमाल क्रोम टीम ने Chromium के लगभग 60 लाख लाइन वाले पुराने कोडबेस को रीफैक्टर करने में किया। कंपनी के मुताबिक, इस काम में महीनों लगने के बजाय कुछ सप्ताह लगे।

गूगल का दावा है कि इस प्रक्रिया से ब्राउजर क्रैश होने की एक पूरी श्रेणी की समस्या दूर करने में मदद मिली। इससे लाइव वेबपेज को दोबारा लोड किए बिना टैब, साइड पैनल और फ्लोटिंग विंडो के बीच सहजता से ले जाने की क्षमता विकसित हुई।

कंपनी ने अपने सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग कार्यों में भी इसके उपयोग का उल्लेख किया। गूगल के अनुसार, Antigravity में एजेंट आधारित कोड सबमिशन 35 प्रतिशत से अधिक बढ़े, जबकि रोलबैक की संख्या में करीब एक-तिहाई की कमी आई।

रोबोटिक्स में भी किया गया इस्तेमाल

गूगल ने Gemini 4 Argon के रोबोटिक्स संबंधी प्रयोग का भी उदाहरण दिया। कंपनी के मुताबिक, मॉडल ने एक व्यक्ति को कॉर्नहोल खेलते हुए वीडियो के आधार पर सिमुलेशन कोड तैयार किया और खेल की प्रक्रिया सीखने में मदद की। इसके बाद Apptronik के Apollo ह्यूमनॉइड रोबोट ने लगातार सात सफल शॉट लगाए।

यह प्रयोग गूगल के मुताबिक, एआई मॉडल की कोडिंग, सिमुलेशन और रोबोटिक्स के बीच काम करने की क्षमता को दिखाता है।

डेवलपर्स और कंपनियों के लिए भी उपलब्ध

गूगल का कहना है कि Gemini 4 Argon को केवल सामान्य सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं रखा गया है। इसे इंजीनियरिंग, कोडिंग और जटिल कार्यों में मदद के लिए विकसित किया गया है। कंपनी इसे अपने विभिन्न उत्पादों और आंतरिक कार्यप्रणालियों में इस्तेमाल कर रही है।

हालांकि, क्रोमियम कोडबेस में सुधार, कोड सबमिशन में बढ़ोतरी और रोबोटिक्स संबंधी उपलब्धियों के आंकड़े गूगल की ओर से साझा किए गए हैं। इन दावों का स्वतंत्र सत्यापन उपलब्ध कराई गई सामग्री में नहीं है।