Diwali Pollution: दिल्ली से ज्यादा इन शहरों की हवा हुई जहरीली, बठिंडा में AQI 1049 के पार; देखें टॉप-10 की लिस्ट

Diwali Pollution: दिल्ली से ज्यादा इन शहरों की हवा हुई जहरीली, बठिंडा में AQI 1049 के पार; देखें टॉप-10 की लिस्ट

नई दिल्ली: दीपावली के मौके पर देशभर में आतिशबाजी और पटाखों के कारण कई शहरों में वायु प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया। हैरानी की बात यह रही कि प्रदूषण के मामले में दिल्ली इस बार सबसे ऊपर नहीं रही। पंजाब का बठिंडा देश का सबसे प्रदूषित शहर दर्ज किया गया, जहां सुबह के समय एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 1049 तक पहुंच गया था।

हालांकि, शाम होते-होते कई शहरों की वायु गुणवत्ता में कुछ सुधार देखने को मिला। रविवार शाम 6 बजे के आसपास जारी आंकड़ों के मुताबिक, देश के कई शहरों में प्रदूषण का स्तर बेहद चिंताजनक बना हुआ था।

बठिंडा में सबसे खराब रही हवा, AQI 573 दर्ज

पंजाब का बठिंडा दीपावली की शाम देश में प्रदूषण के मामले में पहले स्थान पर रहा। AQI.IN के आंकड़ों के अनुसार, रविवार सुबह करीब 8 बजे यहां AQI 1049 दर्ज किया गया था। शाम 6 बजे तक इसमें गिरावट आई और यह 573 पर पहुंच गया। इसके बावजूद हवा की स्थिति बेहद खराब बनी रही।

सिरसा दूसरे और फरीदकोट तीसरे स्थान पर

हरियाणा का सिरसा देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में दूसरे नंबर पर रहा। यहां शाम के समय AQI 448 दर्ज किया गया, जबकि सुबह यह आंकड़ा 773 तक पहुंच गया था।

वहीं, पंजाब के फरीदकोट में भी प्रदूषण का स्तर काफी अधिक रहा। यहां शाम 6 बजे AQI 424 रिकॉर्ड किया गया और शहर इस सूची में तीसरे स्थान पर रहा।

इन शहरों में भी प्रदूषण का स्तर रहा चिंताजनक

दीपावली की शाम बिहार, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कई शहरों में भी हवा की गुणवत्ता खराब दर्ज की गई। देश के सबसे प्रदूषित 10 शहरों की सूची में शामिल अन्य शहरों का AQI इस प्रकार रहा:

  1. बठिंडा, पंजाब: 573 AQI
  2. सिरसा, हरियाणा: 448 AQI
  3. फरीदकोट, पंजाब: 424 AQI
  4. बक्सर, बिहार: 329 AQI
  5. फतेहपुर, उत्तर प्रदेश: 328 AQI
  6. रोहतक, हरियाणा: 321 AQI
  7. मुजफ्फरपुर, बिहार: 321 AQI
  8. बेगूसराय, बिहार: 317 AQI
  9. पटियाला, पंजाब: 315 AQI
  10. वाराणसी, उत्तर प्रदेश: 313 AQI

दिल्ली में कितना रहा AQI?

देश की राजधानी दिल्ली में भी दीपावली के दौरान प्रदूषण का असर देखने को मिला। रविवार शाम करीब 7 बजे दिल्ली का AQI लगभग 309 दर्ज किया गया। हालांकि, बठिंडा और सिरसा जैसे शहरों की तुलना में राजधानी की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही।

दिल्ली में पारंपरिक पटाखों पर प्रतिबंध के साथ ग्रीन पटाखों को कुछ शर्तों के तहत अनुमति दी गई थी। इसके बावजूद रात के समय आतिशबाजी के कारण प्रदूषण बढ़ने की आशंका जताई गई।

प्रदूषित हवा से सेहत को हो सकता है नुकसान

वायु गुणवत्ता में गिरावट का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। अधिक प्रदूषण के संपर्क में आने से सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और खांसी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।