AI मॉडल क्लॉड ने खोजी नई जैविक प्रणाली, जीन एडिटिंग में उपयोग की संभावना

AI मॉडल क्लॉड ने खोजी नई जैविक प्रणाली, जीन एडिटिंग में उपयोग की संभावना
हाइलाइट्स :
• एंथ्रापिक के सीईओ दारियो अमादेई ने सोशल मीडिया पोस्ट में दी जानकारी
• क्लॉड ने वैज्ञानिक साहित्य और जीनोम डेटा का विश्लेषण कर प्रणाली की पहचान की
• खोज की सटीक कार्यप्रणाली और जैव-तकनीकी उपयोगिता अभी स्पष्ट नहीं

एआई (AI) कंपनी एंथ्रापिक के सीईओ दारियो अमादेई ने बताया है कि कंपनी के एआई मॉडल क्लॉड Claude AI ने एक ऐसी आणविक प्रणाली की पहचान की है, जो संभावित रूप से जीन एडिटिंग के एक नए तंत्र का प्रतिनिधित्व कर सकती है।

अमादेई ने सोशल मीडिया X पर पोस्ट में कहा कि खोज का सटीक कार्य, जैव-तकनीकी उपयोग और महत्व अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन यह मूलभूत जैविक अनुसंधान में एआई की बढ़ती भूमिका का संकेत है।

अमादेई के अनुसार, एंथ्रापिक की लाइफ साइंसेज टीम ने शोध का एक व्यापक क्षेत्र तय किया। इसके बाद क्लॉड ने वैज्ञानिक साहित्य और बड़ी मात्रा में जीनोम डेटा का अध्ययन कर एक दिलचस्प प्रणाली की पहचान की। मॉडल ने इस खोज की पुष्टि के लिए प्रयोगों का सुझाव दिया, जिन्हें वैज्ञानिक टीम ने प्रयोगशाला में अंजाम दिया।

उन्होंने बताया कि जिस प्रणाली की पहचान हुई, उसमें रिवर्स ट्रांसक्रिप्टेस RT एंजाइम शामिल है। इस एंजाइम से जुड़ी प्रणाली की संरचना कुछ हद तक जीन एडिटिंग से संबंधित पहले खोजे गए जैविक तंत्रों से मिलती है। हालांकि, अमादेई ने स्पष्ट किया कि इसकी सटीक भूमिका और भविष्य में जैव-प्रौद्योगिकी में उपयोगिता का निर्धारण अभी बाकी है।

अमादेई ने कहा कि गणित की तुलना में जीव विज्ञान में प्रयोगों की आवश्यकता होती है, लेकिन एआई वैज्ञानिकों के साथ मिलकर शोध प्रक्रिया को तेज कर सकता है। उनके मुताबिक, एआई साहित्य और डेटा का विश्लेषण कर संभावित खोजों की पहचान कर सकता है, जबकि वैज्ञानिक प्रयोगों के जरिए उनके परिणामों की पुष्टि कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि एआई से मूलभूत जैविक खोजों की गति बढ़ने पर आगे चलकर दवा अनुसंधान और अन्य जैव-चिकित्सकीय क्षेत्रों के लिए भी नए अवसर पैदा हो सकते हैं। अमादेई ने यह भी कहा कि फिलहाल क्लॉड खुद प्रयोगशाला उपकरण नियंत्रित कर प्रयोग नहीं कर रहा है।