NEET परीक्षा पेपर लीक को लेकर कई दिनों तक अनशन करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को सोमवार गुरुग्राम के मेदान्ता अस्पताल से छुट्टी मिल गई और वह अस्पताल से बाहर आ गये।
आपको बता दें कि जंतर मंतर पर आमरण अनशन कर रहे वांगचुक को 20 जुलाई के संसद मार्च से पहले पुलिस ने धरनास्थल से उठाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया था जहां से अदालत के आदेश के बाद उन्हें मेदांता अस्पताल शिफ्ट किया गया था। अस्पताल में ही उनकी सरकार के प्रतिनिधियों जेपी नड्डा और जितेन्द्र सिंह से बात हुई जिसके बाद उन्होंने अपना अनशन समाप्त किया था।
अस्पताल से निकलकर अपने घर लद्दाख लौटने से पहले वांगचुक अपनी पत्नी गीतांजलि के साथ महात्मा गांधी की दिल्ली के राजघाट स्थित समाधि स्थल पर बापू को अपनी श्रद्दांजलि अर्पित करने पहुंचे। इस बारे में उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, ‘घर जाने से पहले राजघाट पहुंचा। आपने जो रास्ता दिखाया उसके लिए धन्यवाद बापू। हमने यही सीखा कि यह आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना 100 साल पहले था।’
इससे पहले अस्पताल से छुट्टी मिलने से पहले उन्होंने एक वीडियो पोस्ट करके कहा कि आख़िरकार उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई है और वह महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने राजघाट पर श्रद्धांजलि देकर फिर पहाड़ों की ओर लौट जाएंगे।
वांगचुक ने कहा कि दिल्ली में अपना अनशन शुरू करने से पहले जब वह स्विट्जरलैंड से आये थे तो सबसे पहले राजघाट जाकर गांधी समाधि को नमनकर अनशन स्थल जंतर मंतर पर पहुंचे थे।
उन्होंने कहा कि लद्दाख जाते जाते वह सभी लोगों को दिल की गहराइयों से शुक्रिया अदा करना चाहते हैं कि सभी छोटे-बड़े, पास के, दूर के, देशभर से सबने आवाज़ में आवाज़ मिला करके एक मुहिम, एक आंदोलन चलाया और कामयाब भी हुए।
उन्होंने कहा, ‘आप सबसे हम जुड़े रहने की उम्मीद करते हैं। और सबको सलाम, नमस्कार और जयहिन्द।’