बिहार में क्यों मचा बवाल ?

बिहार में क्यों मचा बवाल ?

दिल्ली के जंतर मंतर से कॉकरोच जनता पार्टी ने अपने आंदोलन का डेरा डंडा उठा लिया है लेकिन इसी को लेकर बिहार में बवाल मचा हुआ है। एक तरफ़ जहां राज्य में बंद के दौरान प्रदर्शन करने पर जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, वहीं उनके भाई और राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने पटना के मेदांता अस्पताल पहुंचकर कथित AK-47 फायरिंग में घायल छात्रों से मुलाकात की है।

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने छात्रों से मुलाकात के बाद प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर जमकर हमला बोला।

उन्होंने कहा, ‘ बिहार में छात्र प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए सैंकड़ों छात्रों, विपक्षी विधायकों और नेताओं को तत्काल रिहा करें। छात्रों पर गोली चलाने वाले पुलिसकर्मियों पर कारवाई करें।’

तेजस्वी यादव ने कहा कि अगर गिरफ्तार छात्रों को रिहा नहीं किया गया और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए, तो बिहार भर में आंदोलन किया जाएगा।

राजद नेता ने कहा, ‘लाठी और तंत्र के बल पर आप बिहारियों की आवाज नहीं दबा सकते। अगर यथाशीघ्र छात्र आंदोलनकारियों का रिहा नहीं किया गया तो छात्र फिर आंदोलन पर उतारू होंगे।’

तेजस्वी ने दावा किया कि फायरिंग में घायल तीनों लोग निर्दोष हैं। उन्होंने कहा कि एक छात्र के पैर में गोली लगी है और दिसंबर में उसका आर्मी का एग्जाम है। उनके मुताबिक, गोली लगने के बाद भी उसे एक पैर पर दौड़ाया गया।

सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि जब दिल्ली में केस वापस लेने का फैसला हो गया, तो फिर सम्राट चौधरी कौन होते हैं इसे रोकने वाले। तेजस्वी ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री को खुद अस्पताल जाकर घायल छात्रों से मिलना चाहिए। साथ ही उन्होंने दावा किया कि कई लोगों पर धारा 307 के तहत केस दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी पर भी अटेम्प्ट टू मर्डर का मामला दर्ज होना चाहिए।

दूसरी तरफ़ शनिवार को बिहार बंद के दौरान गिरफ्तार किये गये तेज प्रताप को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

तेज प्रताप ने इससे पहले सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करके कहा, ‘मैं, तेज प्रताप यादव, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके से यह विशेष अपील करता हूँ कि वे अविलंब बिहार की धरती पर आएं।’

उन्होंने कहा, बिहार की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए आज एक कड़े और मजबूत जनांदोलन की आवश्यकता है। मैं उनसे आग्रह करता हूँ कि वे बिहार आकर यहाँ की जनता की आवाज़ बनें और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकने का काम करें।