हाइलाइट्स:
• हाजीपुर, मुंगेर और भागलपुर के प्रभावित इलाकों का किया निरीक्षण
• केले और मक्के की फसलों को भारी नुकसान, करीब 50 लाख लोग प्रभावित
• प्रभावित परिवारों को सात हजार रुपये की तात्कालिक सहायता
• नुकसान के आकलन के लिए अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल भेजेगा केंद्र
Flood in Bihar: बिहार में गंगा और अन्य नदियों के बढ़े जलस्तर से बने बाढ़ के हालात का जायजा लेने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान मंगलवार को ग्राउंड जीरो पर पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर पहुंचे चौहान ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, राज्य सरकार के मंत्रियों और केंद्र व राज्य के अधिकारियों के साथ हाजीपुर, वैशाली, मुंगेर और भागलपुर के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।
नाव और ट्रैक्टर से देखा बाढ़ का असर
केंद्रीय मंत्री ने हाजीपुर के तेरसिया और सरायपुर गांवों में मोटरबोट और नाव से जलमग्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया। कुछ स्थानों पर ट्रैक्टर से पहुंचकर खेतों और गांवों की स्थिति देखी। राघोपुर सिक्स लेन ब्रिज से बाढ़ के फैलाव का जायजा लेने के बाद मुंगेर में नवागढ़ी राहत शिविर और कोजीकरैया बांध का निरीक्षण किया। भागलपुर में राहत शिविर पहुंचकर उन्होंने बाढ़ पीड़ितों से बातचीत की।
2016 की बाढ़ से भी ऊपर पहुंचा जलस्तर
चौहान ने बताया कि स्थानीय लोगों के अनुसार इस बार जलस्तर 2016 की ऐतिहासिक बाढ़ से करीब एक फीट ऊपर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि दस दिनों से अधिक समय तक पानी में डूबे रहने के कारण केले और मक्के की फसलें खराब हुई हैं। रिलीज के अनुसार करीब 50 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। घरों और पशुधन को भी नुकसान पहुंचा है।
उन्होंने कहा कि किसानों की फसलों का नुकसान चिंता का विषय है और सरकार उनकी आजीविका की सुरक्षा के लिए सहायता उपलब्ध कराएगी।
राहत कार्यों और आगे की सहायता की समीक्षा
चौहान के अनुसार राज्य सरकार प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता के तौर पर सात हजार रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से उपलब्ध करा रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नावों से डॉक्टरों और पैरामेडिकल टीमों को भेजा जा रहा है। राहत शिविरों में सुरक्षित आश्रय, पेयजल, राशन और भोजन की व्यवस्था की गई है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि नुकसान का विस्तृत आकलन करने के लिए केंद्र की ओर से अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल बिहार भेजा जाएगा। दल कृषि फसलों के साथ सड़क, पुल-पुलिया, मकान और पशुधन को हुए नुकसान का आकलन करेगा। राज्य सरकार की ओर से एनडीआरएफ के तहत प्रस्ताव मिलने पर केंद्र सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा।
दिनभर के दौरे के बाद चौहान ने मुख्यमंत्री आवास पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें राहत, स्वास्थ्य सेवाओं, फसल नुकसान के मुआवजे और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की बहाली पर चर्चा की गई।