केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हरियाणा के करनाल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा में शामिल होने के बाद उन्होंने कहा कि कांग्रेस की अराजकता और तुष्टीकरण की राजनीति अब जनता के सामने उजागर हो चुकी है। अमित शाह ने घुसपैठियों के मुद्दे पर कहा कि उन्हें चुन-चुनकर देश से बाहर निकाला जाएगा।
करनाल में अमित शाह ने करीब एक किलोमीटर की पदयात्रा की। इस दौरान उन्होंने भाजपा की ओर से आयोजित देशव्यापी अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि 22 अक्टूबर से 5 नवंबर तक पार्टी मुख्यालयों पर यह रैली आयोजित की गई। उनके मुताबिक, देशभर में कार्यक्रमों के दौरान लोगों में एक जैसा उत्साह और बड़ी संख्या में भीड़ देखने को मिली।
राहुल गांधी और घुसपैठियों के मुद्दे पर क्या बोले अमित शाह?
अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी को तीन करोड़ घुसपैठियों की चिंता है। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने की पेशकश भी की।
गृह मंत्री ने कहा, "हम घुसपैठियों को चुन चुनकर देश से बाहर निकालेंगे।" उन्होंने राहुल गांधी को एसआईआर के मुद्दे पर चर्चा की चुनौती देते हुए कहा कि अगर वह इस विषय पर बात करना चाहते हैं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख सकते हैं। शाह ने कहा कि सरकार इस प्रक्रिया पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने को तैयार है।
संसद में हंगामे और कांग्रेस की राजनीति पर उठाए सवाल
अमित शाह ने संसद की कार्यवाही को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संसद चर्चा का सर्वोपरि स्थान है, लेकिन राहुल गांधी संसद चलने नहीं देते और मुद्दों पर चर्चा नहीं करते।
उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में शोर-शराबा और बहिष्कार करना कांग्रेस ने अपनी राजनीति का हिस्सा बना लिया है। शाह के मुताबिक, कांग्रेस संसद की कार्यवाही बाधित करने के साथ सड़कों पर भीड़ जुटाकर अराजकता फैलाने की कोशिश करती है।
गृह मंत्री ने कांग्रेस की रैली के लिए 1 नवंबर की तारीख चुने जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 1984 में इसी दिन कांग्रेस ने सिख दंगे कराए थे, जिसमें सिख लोगों का नरसंहार हुआ था।
राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन पर भी साधा निशाना
अमित शाह ने दावा किया कि देश की जनता राहुल गांधी, कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के साथ नहीं है। उन्होंने कांग्रेस की रैली में जुटी भीड़ का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी ने देशभर से लोगों को दिल्ली बुलाया और 10 लाख लोगों को जुटाने का आह्वान किया था, जबकि मैदान की क्षमता 70 हजार थी और वह भी आधा खाली था।
शाह ने चुनावी हार को लेकर भी राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अपनी हार के लिए चुनाव आयोग और एसआईआर प्रक्रिया को जिम्मेदार ठहराते हैं।
उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन चुनावों में एसआईआर नहीं था, फिर भी कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। शाह ने हरियाणा और महाराष्ट्र का भी जिक्र किया और कहा कि वहां एसआईआर नहीं होने के बावजूद कांग्रेस चुनाव हार गई।
करनाल के बाद अंबाला में शहीद स्मारक का करेंगे लोकार्पण
करनाल में कार्यक्रम के बाद अमित शाह अंबाला छावनी पहुंचेंगे। यहां वह नवनिर्मित शहीद स्मारक का लोकार्पण करेंगे।
इससे पहले गृह मंत्री ने करनाल के सेक्टर-12 मॉल के पास से 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' पदयात्रा की शुरुआत की। कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर सड़क के दोनों ओर बैरिकेडिंग की गई और क्षेत्र को सील रखा गया। कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश के लिए सेक्टर-12 मॉल के पास व्यवस्था की गई थी। अमित शाह पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ पैदल पदयात्रा में शामिल हुए।