सरकारी योजनाओं में वोटर आईडी से पहचान पर सियासी संग्राम

सरकारी योजनाओं में वोटर आईडी से पहचान पर सियासी संग्राम
  • सरकारी योजनाओं में EPIC और बायोमेट्रिक सत्यापन पर विवाद

  • राहुल गांधी ने वोटर लिस्ट से नाम कटने को बताया साजिश

  • अखिलेश यादव ने बच्चों और बुजुर्गों के अधिकारों पर उठाए सवाल

  • केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने विपक्ष के आरोपों को नकारा

  • SIR और सरकारी योजनाओं को लेकर राजनीतिक टकराव हुआ तेज

Rajiv Ranjan Singh Lalan Statement Controversy:सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान के लिए वोटर आईडी (EPIC) और बायोमेट्रिक सत्यापन के इस्तेमाल को लेकर सियासी विवाद गहरा गया है। केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ‘ललन’ के बयान के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने इसे वोटर लिस्ट में संशोधन और कथित वोट चोरी से जोड़ते हुए गंभीर साजिश करार दिया, जबकि अखिलेश यादव ने बच्चों, बुजुर्गों और गरीबों के सरकारी योजनाओं से वंचित होने की आशंका जताई। दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष के आरोपों को तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने वाला बताया है।

केंद्रीय मंत्री बोले- वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचे योजनाओं का लाभ

केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने एक्स पर पोस्ट कर राहुल गांधी के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने में महारत हासिल है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचे और कोई बिचौलिया उसका फायदा न उठा सके।

मंत्री ने प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना (PM VGSY) का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य प्रत्येक पात्र पंचायत प्रतिनिधि और पंचायत से जुड़े व्यक्तियों तक आवश्यक प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन पहुंचाना है। इसके तहत EPIC नंबर और बायोमेट्रिक आधारित आधार सत्यापन के माध्यम से प्रशिक्षणार्थियों की पहचान सुनिश्चित की जाएगी।

इससे पहले एक राष्ट्रीय कार्यशाला में भी लाभार्थियों की पहचान के लिए वोटर आईडी और बायोमेट्रिक जांच के इस्तेमाल की बात सामने आई थी। आधार के तेजी से जारी होने और धोखाधड़ी की आशंका से जुड़ी टिप्पणी के बाद इस मुद्दे ने राजनीतिक बहस का रूप ले लिया।

राहुल गांधी बोले- वोटर लिस्ट तय करेगी योजनाओं का पैसा

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के मंत्री का ऐलान है कि योजनाओं का लाभ अब आधार नहीं, बल्कि वोटर आईडी से तय होगा। राहुल गांधी ने इसे गहरी साजिश बताते हुए SIR के नाम पर करोड़ों मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से काटे जाने का आरोप लगाया।

उन्होंने दावा किया कि हटाए जा रहे नामों में बड़ी संख्या उन लोगों की है, जो भाजपा के खिलाफ नाराजगी रखते हैं। राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भाजपा के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया।

राहुल गांधी के मुताबिक, यदि वोटर लिस्ट ही सरकारी योजनाओं का लाभ तय करने का आधार बन गई तो मतदाता सूची से नाम हटने का असर लोगों के अधिकारों पर पड़ेगा। उन्होंने राशन, पेंशन, मनरेगा, आवास, छात्रवृत्ति और आरक्षण जैसी सुविधाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि वोट देना नागरिकों का अधिकार है, किसी सरकारी योजना का लाभ पाने की शर्त नहीं।

उन्होंने इसे केवल वोट चोरी नहीं, बल्कि हक चोरी बताते हुए कहा कि उनकी पार्टी ऐसा होने नहीं देगी।

अखिलेश यादव ने बच्चों और बुजुर्गों का उठाया मुद्दा

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी केंद्रीय मंत्री के बयान पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान वोटर आईडी से होगी तो बच्चों को मिलने वाले मिड-डे मील का क्या होगा, क्योंकि बच्चों के पास वोटर आईडी नहीं होती।

अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में लाभार्थियों और मतदाता सूची से हटाए जा रहे नामों के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि बड़ी संख्या में लोगों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने बुजुर्गों की समस्याओं पर भी सवाल उठाया। उनका कहना है कि अधिक उम्र के लोगों में फिंगरप्रिंट या आंखों की समस्या के कारण बायोमेट्रिक सत्यापन मुश्किल हो सकता है, जिससे वे योजनाओं के लाभ से वंचित होने की आशंका में रहेंगे।

SIR को लेकर भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप

अखिलेश यादव ने SIR को नागरिकता और अधिकारों से जोड़ते हुए भाजपा पर बड़ी साजिश का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि वोटर लिस्ट से नाम हटने के बाद आम जनता के अन्य अधिकारों पर भी असर पड़ सकता है। इसमें जमीन-जायदाद, बैंक खाते, आधार, पैन, आयुष्मान कार्ड, राशन, आवास, गैस सब्सिडी, स्कूल में दाखिला और अस्पताल जैसी सुविधाओं का उल्लेख किया।

उन्होंने पीडीए प्रहरियों से अपील की कि वे केंद्रीय मंत्री के बयान को जनता तक पहुंचाएं और लोगों को वोटर लिस्ट में अपना नाम बनवाने के लिए जागरूक करें। अखिलेश ने भाजपा पर अपने समर्थकों को भी खोने और चुनाव जीतने के लिए कथित तौर पर वोटर लिस्ट में हेरफेर करने की कोशिश का आरोप लगाया।