पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा उपचुनावों से पहले तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर विवाद बढ़ गया है। चुनाव आयोग के अंतरिम आदेश के बाद ममता बनर्जी ने अपनी पसंद के तीन नाम और चुनाव चिह्न आयोग को सौंप दिए हैं। समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, यह जवाब गुरुवार रात 11:36 बजे चुनाव आयोग को दिया गया और इसे कड़े विरोध के साथ दाखिल किया गया।
आयोग के आदेश के मुताबिक दोनों प्रतिद्वंद्वी गुट अब ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस यानी AITC के नाम और फूल-घास वाले आरक्षित चुनाव चिह्न का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।
चुनाव आयोग ने दोनों गुटों के लिए क्या तय किया?
चुनाव आयोग ने अपने अंतरिम आदेश में ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुटों के बीच बंटवारे को स्वीकार किया है। इसके बाद दोनों गुटों को आगामी उपचुनाव अलग-अलग नाम और नए चुनाव चिह्न के साथ लड़ने होंगे।
यह व्यवस्था विवाद के अंतिम निपटारे तक लागू रहेगी। आयोग ने कहा कि दोनों प्रतिद्वंद्वी गुट खुद को असली पार्टी बताते हुए दावा कर रहे हैं। इसी वजह से चुनाव चिह्न (आरक्षण और आवंटन) आदेश, 1968 के पैराग्राफ 15 के तहत इस मामले में ठोस फैसला लेने की जरूरत है।
आयोग के अनुसार, पिछले मामलों और उदाहरणों को ध्यान में रखते हुए यह अंतरिम व्यवस्था दोनों पक्षों को बिना किसी पक्षपात के समान स्थिति में रखने के लिए की गई है।
ममता बनर्जी ने EC को क्या सौंपा?
चुनाव आयोग के अंतरिम आदेश के जवाब में ममता बनर्जी ने अपनी पसंद के तीन नाम और चुनाव चिह्न सौंपे हैं। यह जवाब गुरुवार रात 11:36 बजे दाखिल किया गया।
हालांकि, ममता बनर्जी की ओर से यह जवाब कड़े विरोध के साथ दिया गया। यानी आयोग के आदेश पर आपत्ति दर्ज कराने के साथ नए नाम और चुनाव चिह्न के विकल्प भी सौंपे गए हैं।
कैसे शुरू हुआ टीएमसी के नाम और निशान का विवाद?
टीएमसी के नाम, चुनाव चिह्न और पार्टी के नियंत्रण को लेकर दोनों गुटों के बीच विवाद इस साल जुलाई में चुनाव आयोग तक पहुंचा था। दोनों पक्षों ने पार्टी पर नियंत्रण को लेकर अपने-अपने दावे आयोग के सामने रखे थे।
इसके बाद चुनाव आयोग ने संगठनात्मक नियंत्रण, अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं, पार्टी की संपत्तियों, नाम और चुनाव चिह्न समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर दोनों पक्षों से जवाब मांगे।
आयोग इस मामले में दोनों गुटों के दावों और दलीलों पर लगातार सुनवाई कर रहा है। कार्यवाही के दौरान दोनों पक्षों ने अपने-अपने दस्तावेज जमा किए और आयोग के सामने पेश भी हुए।
अंतिम फैसला आने तक जारी रहेगी अंतरिम व्यवस्था
फिलहाल चुनाव आयोग के अंतरिम आदेश के तहत दोनों गुट ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के नाम और फूल-घास वाले आरक्षित चुनाव चिह्न का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। उपचुनाव दोनों पक्षों को अलग-अलग नाम और आयोग की ओर से आवंटित नए चुनाव चिह्न के साथ लड़ने होंगे।
यह व्यवस्था तब तक लागू रहेगी, जब तक नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चल रहे विवाद का अंतिम निपटारा नहीं हो जाता।