CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग पर सुनवाई पूरी हो गई है। पुलिस ने दोनों की न्यायिक हिरासत तीन दिन बढ़ाने की मांग की, जिस पर SEM कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। इस बीच, दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणी को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के नेताओं ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं। बीजेपी नेता आरपी सिंह ने प्रदर्शनकारियों की जिम्मेदारी पर जोर दिया, जबकि कांग्रेस नेता बृजेंद्र सिंह ने तिरंगा लेकर प्रदर्शन करने पर आपत्ति जताए जाने को लेकर सवाल उठाए।
कब हिरासत में लिए गए थे सौरव दास और आशुतोष रांका?
सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को हिरासत में लिया गया था। इसके बाद 14 अक्टूबर को दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। 19 अक्टूबर को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों की न्यायिक हिरासत बढ़ाने का आदेश दिया था।
अब पुलिस ने एक बार फिर दोनों की न्यायिक हिरासत तीन दिन बढ़ाने की मांग की है। इस मामले में सुनवाई पूरी हो चुकी है और SEM कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।
दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका वापस लेने के बाद उम्र पर हुई टिप्पणी
सौरव दास और आशुतोष रांका ने अपनी न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ाए जाने को चुनौती देने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हालांकि, बुधवार को दोनों ने अपनी याचिका वापस ले ली।
सुनवाई के दौरान जब हाईकोर्ट को बताया गया कि सौरव दास और आशुतोष रांका की उम्र 27 और 31 साल है, तो न्यायाधीश ने टिप्पणी की, "इसका मतलब है कि आप जेन-जी नहीं हैं."
इस टिप्पणी के बाद मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आईं। बीजेपी और कांग्रेस के नेताओं ने प्रदर्शन, जिम्मेदारी और तिरंगे के साथ विरोध करने के मुद्दे पर अपनी राय रखी।
बीजेपी नेता आरपी सिंह ने क्या कहा?
बीजेपी नेता आरपी सिंह ने CJP नेताओं की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणी का जिक्र किया। उन्होंने कहा, "कोर्ट ने बहुत स्पष्टता से कहा है कि आप लोग जेन-जी नहीं हैं, आप जेन-जी की उम्र पार कर चुके हैं. कोर्ट ने जो अगली टिप्पणी की वह थी कि धरना-प्रदर्शन करने पर जिम्मेदारी भी आपकी है."
आरपी सिंह ने प्रदर्शन के दौरान पुलिस की ओर से आधार कार्ड की जांच किए जाने का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब पुलिसकर्मी प्रदर्शन में आए लोगों के आधार कार्ड जांचते हैं, तो कुछ लोग इसका विरोध करते हुए उनसे सवाल करते हैं।
उन्होंने अमृतसर में पुलिस द्वारा तीन लोगों को पकड़े जाने का भी जिक्र किया। आरपी सिंह के मुताबिक, वे तीनों आतंकी थे और आंदोलन के जरिए आतंक फैलाना चाहते थे।
कांग्रेस नेता बृजेंद्र सिंह ने तिरंगा प्रदर्शन पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता बृजेंद्र सिंह ने CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास के मामले में तिरंगा लेकर प्रदर्शन करने के मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर तिरंगा लेकर प्रदर्शन करने पर भी सरकार को आपत्ति है, तो यह चिंता का विषय है।
बृजेंद्र सिंह ने कहा, "अगर तिरंगा लेकर प्रदर्शन करने में भी सरकार को आपत्ति है और यह तो वो सरकार है जो पूरे देश में तिरंगा मार्च और तिरंगा यात्रा, पता नहीं क्या-क्या करवाते हैं. आज यदि देश का युवा सिर्फ तिरंगे को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन करना चाहता है तो तिरंगे से भी आपत्ति हो गई और दुखद बात यह है कि कोर्ट की भी उसके ऊपर मुहर लगती है. इस प्रकार से तो लोकतंत्र को अब यह कहना कि दबाया जा रहा है, दबाया क्या, यह तो खत्म करने पर तुले हुए हैं."
कांग्रेस नेता ने तिरंगे के साथ प्रदर्शन करने के अधिकार को लेकर सवाल उठाए और अदालत की टिप्पणी पर भी अपनी नाराजगी जताई।
न्यायिक हिरासत पर अब कोर्ट के फैसले का इंतजार
सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग पर SEM कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है। वहीं, दिल्ली हाईकोर्ट में दोनों की ओर से दायर याचिका वापस लिए जाने और सुनवाई के दौरान की गई टिप्पणी पर राजनीतिक बयानबाजी सामने आई है।
जहां बीजेपी नेता आरपी सिंह ने प्रदर्शनकारियों की जिम्मेदारी और पुलिस जांच का मुद्दा उठाया, वहीं कांग्रेस नेता बृजेंद्र सिंह ने तिरंगा लेकर प्रदर्शन करने को लेकर सरकार और अदालत की भूमिका पर सवाल किए।