दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने के मामले में पुलिस ने बिल्डिंग मालिक हरिराम को राजस्थान के भिवाड़ी से हिरासत में लिया है। हादसे के बाद से हरिराम फरार था और दिल्ली पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही थी। हिरासत में लेने के बाद पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है।
हरिराम को पकड़ने के लिए दिल्ली पुलिस ने 10 अलग-अलग टीमें बनाई थीं। इनमें जिले की लोकल पुलिस, स्पेशल स्टॉफ और अलग-अलग ऑपरेशन यूनिट के पुलिसकर्मी शामिल थे। इन टीमों की अगुआई जिले के एडिशनल DCP रैंक के अधिकारी कर रहे थे।
दिल्ली, हरियाणा और यूपी में हुई थी छापेमारी
हरिराम की तलाश में पुलिस ने दिल्ली के अलावा हरियाणा और यूपी में भी छापेमारी की थी। गुरुग्राम समेत कई जगहों पर पुलिस की टीमें पहुंचीं, लेकिन हरिराम अपने घर पर नहीं मिला।
पुलिस को शक था कि हरिराम दिल्ली NCR में कहीं छिपा हुआ है। उसकी तलाश में करीबियों और रिश्तेदारों के यहां भी रेड की गई थी। हालांकि, बाद में पुलिस ने उसे राजस्थान के भिवाड़ी से हिरासत में ले लिया।
हरिराम के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने लुक आउट सर्कुलर (LOC) भी जारी किया था।
MCD कमिश्नर ने इमारत को लेकर क्या कहा?
सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना पर दिल्ली नगर निगम (MCD) के कमिश्नर संजीव खिरवार ने कहा, "1970 के दशक की इस इमारत को कभी कोई नोटिस नहीं दिया गया और न ही इसे कभी सील किया गया। इस इमारत के बारे में कोई शिकायत भी नहीं मिली थी।"
संजीव खिरवार ने हादसे में 7 लोगों की मौत की जानकारी देते हुए कहा, "दुर्भाग्य से इस घटना में 7 लोगों की जान चली गई। इस इमारत के बगल वाली इमारत कमजोर हो गई है, उसे रात भर में मजबूत किया गया है। अगले 1-2 दिनों में हम उसे योजनाबद्ध तरीके से ध्वस्त करेंगे।"
दिल्ली हाई कोर्ट में भी दाखिल हुई याचिका
सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका भी दाखिल हुई है। बिल्डिंग हादसे के बाद दिल्ली के पीजी की इनसाइड स्टोरी में भी चौंकाने वाली बातें सामने आने की बात कही गई है।