हाइलाइट्स:
• सीआरपीएफ की एलीट CoBRA इकाई की कमान संभाली
• स्मृति ईरानी ने सोशल मीडिया पोस्ट में उपलब्धि की सराहना की
• असम में उग्रवाद विरोधी अभियानों का लंबा अनुभव
• NIA में जटिल मामलों की जांच का भी अनुभव
Women in Uniformed: भारतीय पुलिस सेवा IPS अधिकारी संजुक्ता पराशर ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल CRPF की विशिष्ट कमांडो इकाई CoBRA का नेतृत्व करने वाली पहली महिला अधिकारी बनकर इतिहास रचा है।
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने सोशल मीडिया मंच X पर पोस्ट कर पराशर की इस उपलब्धि की सराहना की। उन्होंने इसे देश के सुरक्षा बलों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि और राष्ट्रसेवा के इच्छुक महिलाओं के लिए प्रेरणादायक क्षण बताया।
असम में उग्रवाद विरोधी अभियानों का अनुभव
स्मृति ईरानी ने अपने पोस्ट में कहा कि असम में उग्रवाद विरोधी अभियानों का नेतृत्व करने और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) में जटिल मामलों की जांच से जुड़ा संजुक्ता पराशर का अनुभव उनके साहस, प्रतिबद्धता और नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है। पराशर असम-मेघालय कैडर की 2006 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं।
असम में अपनी सेवाओं के दौरान उन्होंने उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में पुलिसिंग और अभियान संबंधी जिम्मेदारियां निभाईं। उनके कार्यक्षेत्र में कानून-व्यवस्था के साथ उग्रवाद विरोधी अभियानों से जुड़ी जिम्मेदारियां भी रहीं। बाद में उन्होंने NIA में भी महत्वपूर्ण दायित्व संभाला।
जंगलों में अभियान के लिए प्रशिक्षित है CoBRA
CoBRA यानी Commando Battalion for Resolute Action सीआरपीएफ की विशेष रूप से प्रशिक्षित कमांडो इकाई है। इसका गठन मुख्य रूप से जंगलों और उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में अभियानों के लिए किया गया है। बल के जवानों को जंगल युद्ध, घात लगाकर कार्रवाई, लंबी दूरी के अभियान और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में अभियान चलाने का प्रशिक्षण दिया जाता है।
स्मृति ईरानी ने कहा कि पराशर की नियुक्ति भारत के सुरक्षा बलों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने इसे उन महिलाओं के लिए भी प्रेरणादायक बताया जो देश की सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहती हैं। संजुक्ता पराशर के CoBRA प्रमुख बनने के साथ ही सुरक्षा बलों की एक महत्वपूर्ण परिचालन इकाई के नेतृत्व में महिला अधिकारी की नई भूमिका सामने आई है।