केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे सहित पेपर लीक से जुड़े मुद्दों को लेकर दिल्ली के जन्तर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं की सोमवार को पहली बार सरकार के प्रतिनिधि से सीधी मुलाक़ात और बात हुई।
इस मुलाक़ात के बारे में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, “आज सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ बातचीत करने का प्रस्ताव आया और सुबह 11:50 AM से ही हमारी बातचीत जारी है।सौहार्दपूर्ण वातावरण में मुलाकात हुई। उनके डेलीगेशन के साथ विस्तार से पहले मौखिक चर्चा हुई और उनके द्वारा लगभग 4 बजे मुझे लिखित याचिका दी गई।”
नड्डा ने अपनी इस मुलाक़ात की तस्वीरें और संक्षिप्त ब्यौरा सोशल मीडिया पर पोस्ट किया जिसमें कहा गया कि उन्होंने सभी प्रदर्शनकारियों से अनुरोध किया कि वे अपने धरने को समाप्त करें और सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन की मदद करें।
दूसरी ओर कॉकरोच जनता पार्टी CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने नड्डा से मुलाकात के बाद कहा, "हमने जेपी नड्डा से दो बार मुलाकात की। बैठक के दौरान हमने अपनी तीन मांगें रखीं। पहली, सोनम वांगचुक को तुरंत रिहा किया जाए। दूसरी, धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें या फिर उन्हें या तो कैबिनेट से बर्खास्त किया जाए। जब तक उनका इस्तीफा नहीं हो जाता, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। तीसरी, NEET की तैयारी करने वाले उन छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए, जिनमें से 20 से ज़्यादा छात्रों की मौत हो चुकी है। "
उधर इन्हीं मांगों को लेकर अनशन करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अस्पताल से जारी अपने एक नोट में कहा कि माँग पूरी होने तक उनका अनशन जारी रहेगा।
इसबीच पूर्व घोषणा के अनुसार जंतर मंतर से संसद तक मार्च करने के लिए प्रदर्शनकारी दिल्ली में जगह जगह जमा हुए। अलग अलग समूहों नें ये लोग संसद की तरफ़ बढ़े लेकिन पुलिस ने उन्हें संसद तक पहुंचने नहीं दिया।
विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर पोस्ट किए गये वीडियोज के हवाले से कहा गया कि प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने कई जगह लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। पुलिस ने भी दावा किया कि प्रदर्शनकारियों ने क़ानून तोड़ा और हिंसा की। विपक्ष के नेताओं ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और बल प्रयोग की निंदा करते हुए दावा किया कि कई लोग घायल हैं। विपक्ष के कई नेताओं को प्रदर्शनकारियों के साथ देखा गया।
इस बीच दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें कहा गया कि ‘आज हुए उग्र प्रदर्शन के दौरान ड्यूटी पर तैनात दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त, संयुक्त आयुक्त, अतिरिक्त आयुक्त और उपायुक्त रैंक के अधिकारियों सहित दिल्ली पुलिस और केन्द्रीय पुलिस बलों के कुल 118 पुलिसकर्मियों से अधिक को चोटें आई।’
दिल्ली के पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने अस्पताल जाकर घायल पुलिसकर्मियों से मुलाकात की, उनका हालचाल जाना और उत्साहवर्धन किया।
सोमवार को प्रदर्शनकारियों को संसद भवन तक पहुंचने के लिए केंद्रीय सचिवालय सहित कुछ मेट्रो स्टेशनों को बंद किया गया। इस दौरान तरह तरह की अफवाहें भी फैलती रही । ऐसी खबरों के बीच DCP साउथ ईस्ट दिल्ली ने स्थिति साफ़ करते हुए कहा कि ऐसी खबरें पूरी तरह से झूठी और बेबुनियाद हैं जिनमें दावा किया गया है कि प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा तोड़ा और ओखला स्थित NTA ऑफिस में घुस गए।
DCP साउथ ईस्ट दिल्ली ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि परीक्षा के नतीजों को लेकर शिकायत रखने वाले कुछ उम्मीदवारों को NTA अधिकारियों से मिलने की इजाज़त दी गई।