| ब्लूमबर्ग के वैश्विक आर्थिक सम्मेलन में बोले प्रधानमंत्री |
- मोदी ने वैश्विक विकास के लिए सहयोग और सशक्तिकरण पर दिया जोर
- भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़कर करीब 300 गीगावाट हुई
- देश में स्टार्टअप की संख्या 2.5 लाख से अधिक पहुंची
- अप्रैल-जून तिमाही में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही
- भारत ने 100 से अधिक देशों को कोविड टीकों की आपूर्ति की
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PM Modi Bloomberg New Economy Forum: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को “पावर टू एम्पावर” को विकास के प्रति देश का मुख्य सिद्धांत बताते हुए कहा कि भारत दूसरों की कीमत पर नहीं सबको साथ लेकर आगे बढ़ने में यकीन करता है।
पीएम मोदी ने यहां ‘ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम’ को संबोधित करते हुए कहा कि “पावर टू एम्पावर” का मतलब उस शक्ति से है जो न सिर्फ अपने लिए हो, बल्कि जो अपने साथ दूसरों को भी सशक्त बनाती हो।
'ब्लूमबर्ग न्यू इकॉनॉमी फोरम' शीर्षक से दो दिन की इस बैठक के उद्घाटन सत्र में पीएम ने कहा कि पिछले 12 वर्ष में उनकी सरकार की आर्थिक नीतियों और वैश्विक पहलों के पीछे यही भावना रही है।
पीएम ने गिनाई उपलब्धियां
इस दौरान भारत ने सस्ते मोबाइल डाटा को प्राथमिकता दे कर दूसरसंचार प्रौद्योगिकी का लाभ दूर-दराज के इलाकों तक पहुंचाया, डिजिटल भुगतान की एक जैसी सुविधा को रेहड़ी पटरी से लेकर बड़े स्टोर तक पहुंचाया, 25 करोड़ लोगों को गरीबी बाहर निकाला।
...सबका भला हो, हर जीवन भला हो
मोदी ने वैश्विक पहलों का जिक्र करते हुए कहा कि ये सभी शक्ति, सशक्तीकरण के लिए भारत के प्राचीन दर्शन की भावना से ही प्रेरित हैं। उन्होंने कहा,
यानी जिनसे सबका भला हो, हर जीवन का भला हो, ऐसे कदम भारत ने उठाये हैं। हम एक स्पष्ट नीतिगत दिशा के साथ सुधार कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अपनी आर्थिक, तकनीकी और डिजिटल क्षमताओं का उपयोग केवल अपनी प्रगति के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को सशक्त बनाने के लिए कर रहा है। उन्होंने समावेशी विकास, वैश्विक सहयोग, ऊर्जा परिवर्तन और तकनीकी नवाचार को भविष्य की प्रमुख जरूरत बताया। उन्होंने कहा कि शक्ति का वास्तविक मूल्य दूसरों को आगे बढ़ने में सक्षम बनाने में है।
नियंत्रण से आगे बढ़कर सशक्तिकरण पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी में प्रौद्योगिकी, डेटा, ज्ञान और नवाचार शक्ति के प्रमुख मानदंड बन गए हैं। ऐसे में यह विचार करना जरूरी है कि इनका लाभ कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित रहे या अधिक से अधिक लोगों के लिए अवसर पैदा करे। उन्होंने प्रतिस्पर्धा के साथ सहयोग और नियंत्रण के बजाय लोगों को सक्षम बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
मोदी ने भारत की भाषाई विविधता, मीडिया और डिजिटल माध्यमों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में लगभग 50 करोड़ यूट्यूब और इंस्टाग्राम उपयोगकर्ता व्यापक संवाद में भाग लेते हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 के बाद डेटा की कीमतों में कमी और कनेक्टिविटी के विस्तार से छोटे शहरों के विद्यार्थियों तथा गांवों के कारोबारियों को भी नए अवसर मिले हैं।
स्टार्टअप और डिजिटल भुगतान का उदाहरण
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में वर्ष 2014 में कुछ सौ स्टार्टअप थे, जबकि अब इनकी संख्या 2.5 लाख से अधिक हो गई है। इनमें लगभग आधे स्टार्टअप छोटे शहरों से आते हैं और 45 प्रतिशत से अधिक स्टार्टअप में महिलाएं नेतृत्वकारी भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने जन धन-आधार-मोबाइल व्यवस्था और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे सरकारी सहायता सीधे नागरिकों के बैंक खातों तक पहुंचाने में मदद मिली है। मोदी ने कोविड-19 महामारी के दौरान भारत की ओर से 100 से अधिक देशों को टीकों की आपूर्ति को भी वैश्विक सहयोग का उदाहरण बताया।
हरित ऊर्जा और आर्थिक मजबूती का उल्लेख
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने वर्ष 2030 तक गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से 40 प्रतिशत स्थापित विद्युत क्षमता हासिल करने का लक्ष्य नवंबर 2021 में ही पूरा कर लिया था। उनके अनुसार, देश की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता वर्ष 2014 के 75 गीगावाट से बढ़कर लगभग 300 गीगावाट हो गई है। पीएम सूर्य घर और पीएम-कुसुम जैसी योजनाएं भी स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा दे रही हैं।
मोदी ने अप्रैल-जून तिमाही में 7.8 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि दर, 0.61 प्रतिशत चालू खाता घाटे और 700 अरब डॉलर से अधिक विदेशी मुद्रा भंडार का उल्लेख किया। उन्होंने जीएसटी, दिवाला कानून और श्रम सुधारों को आर्थिक मजबूती से जोड़ते हुए कहा कि भारत सुधारों को मजबूरी नहीं, बल्कि दृढ़ विश्वास के साथ आगे बढ़ा रहा है।
प्रधानमंत्री ने जलवायु परिवर्तन, जल प्रबंधन और उभरती तकनीकों के जिम्मेदार इस्तेमाल के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत का विकास दुनिया के साथ और दुनिया के लिए है।