- मिशन युवा की बैठक में वरिष्ठ और महिला अधिकारी के बीच विवाद
- बीनीश वानी के खिलाफ कार्रवाई की धमकी देने का आरोप
- उमर अब्दुल्ला ने मुख्य सचिव के सामने उठाया मामला
- महिला अधिकारी के खिलाफ प्रतिशोधात्मक कार्रवाई नहीं करने के निर्देश
- वायरल वीडियो की पूरी रिकॉर्डिंग और निष्पक्ष जांच की मांग
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Omar Abdullah IAS Officer Controversy: जम्मू-कश्मीर में वरिष्ठ IAS अधिकारी कुमार राजीव रंजन और महिला JKAS अधिकारी बीनीश वानी के बीच कथित बदसलूकी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। 14 अक्टूबर को मिशन युवा (Mission YUVA) की ऑनलाइन समीक्षा बैठक के दौरान हुई बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद प्रशासनिक कार्यशैली और महिला अधिकारियों के सम्मान को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव के समक्ष उठाया है और महिला अधिकारी के खिलाफ किसी भी तरह की प्रतिशोधात्मक कार्रवाई नहीं होने देने के निर्देश दिए हैं।
उमर अब्दुल्ला ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि उन्होंने ऑनलाइन सरकारी बैठक का वीडियो देखा है। उनके मुताबिक, प्रथम दृष्टया वरिष्ठ अधिकारी का व्यवहार एक वरिष्ठ IAS अधिकारी से अपेक्षित मानकों के अनुरूप नहीं दिखता। उन्होंने कहा कि इसके बाद कनिष्ठ JKAS अधिकारी को दी गई धमकियों से मामला और गंभीर हो गया है।
उमर अब्दुल्ला ने बताया कि उन्होंने इस विषय को मुख्य सचिव के सामने कड़े शब्दों में उठाया है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में IAS अधिकारियों पर नियंत्रण उपराज्यपाल कार्यालय के पास है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री के तौर पर उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि महिला JKAS अधिकारी के खिलाफ किसी तरह की प्रतिशोधात्मक कार्रवाई न हो।
उन्होंने कहा कि यदि जम्मू-कश्मीर पूर्ण राज्य होता, तो संबंधित IAS अधिकारी के आचरण की जांच लंबित रहने तक उन्हें सामान्य प्रशासन विभाग से संबद्ध किया जा सकता था। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों से मामले को दबाने के बजाय उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपेक्षा जताई।
मिशन युवा की बैठक में क्या हुआ?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विवाद मिशन युवा की समीक्षा बैठक के दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) की भूमिका को लेकर हुई चर्चा के बीच शुरू हुआ। बैठक में कुमार राजीव रंजन, श्रम एवं रोजगार विभाग के प्रशासनिक सचिव, और गंदरबल के रोजगार एवं परामर्श केंद्र में सहायक निदेशक के पद पर तैनात बीनीश वानी के बीच बहस हुई।
सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में वरिष्ठ अधिकारी को कथित तौर पर वानी की बात काटते और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते सुना जा सकता है। वानी ने उनके बोलने के तरीके पर आपत्ति जताई और अपनी बात रखने का अवसर मांगा। रिपोर्टों के मुताबिक, इस दौरान उनके खिलाफ निलंबन या सेवा से हटाने की कार्रवाई की बात भी कही गई।
वीडियो को लेकर विभाग ने उठाए सवाल
विवाद बढ़ने के बाद श्रम एवं रोजगार विभाग ने वायरल क्लिप को लेकर स्पष्टीकरण दिया। विभाग के अनुसार, सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो के कुछ हिस्से संपादित या संदर्भ से अलग हो सकते हैं। उसने कहा कि 14 अक्टूबर को हुई पूरी बैठक की रिकॉर्डिंग राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के पास उपलब्ध है और मामले को लागू नियमों के तहत आगे बढ़ाया जाएगा।