'माई भारत' राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक सम्मेलन का शुक्रवार को लखनऊ में आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए लगभग 1500 से अधिक माय भारत युवा स्वयंसेवकों ने भाग लिया।
भारत सरकार के युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के युवा मामले विभाग द्वारा इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित इस सम्मेलन का उद्देश्य युवाओं में नेतृत्व क्षमता, स्वयंसेवा की भावना तथा सामुदायिक सहभागिता को सुदृढ़ करना और उन्हें कर्तव्य भाव, सेवा एवं 'नेशन फर्स्ट' की भावना के साथ विकसित भारत @2047 के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम में’ नेशन फर्स्ट चैलेंज' के शीर्ष पांच विजेताओं को डॉ. मांडविया ने सम्मानित किया जिनमे अभिषेक रामदास नाइकवाड़ी (महाराष्ट्र), टी. रमेश (तेलंगाना), नामरेड्डी ऋत्विक रेड्डी (तेलंगाना), स्वामीकेरी वेंकट लोकेश (आंध्र प्रदेश) तथा कृष्णानंद जायसवाल (उत्तर प्रदेश) शामिल हैं।
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सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय युवा कार्य एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि युवाओं को कर्तव्य भाव, सेवा और राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ विकसित भारत @2047 के निर्माण का नेतृत्व करने के बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए। उन्होंने कहा कि अमृतकाल के अगले 25 वर्ष युवाओं के हैं। मांडविया ने कहा की विकसित भारत को हम देखेंगे, लेकिन विकसित भारत में आप जीवन जिएंगे, इसलिए विकसित भारत का निर्माण करना आपका कर्तव्य है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की लगभग 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है, जो देश की सबसे बड़ी शक्ति है।
उन्होंने प्रत्येक माय भारत युवा स्वयंसेवक से अगले तीन महीनों में कम-से-कम 300 युवाओं को माय भारत मंच से जोड़ने तथा 100 सक्रिय युवा क्लबों का पंजीकरण कराने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि "भारत का भविष्य केवल सरकारी कार्यालयों में नहीं लिखा जाएगा, बल्कि देश के हर गांव और हर समुदाय में कार्यरत युवा नागरिक उसे आकार देंगे।
उत्तर प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि माय भारत युवाओं की ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण की दिशा में संगठित करने का एक प्रभावी मंच बन चुका है।
इस अवसर पर युवा कार्यक्रम विभाग की सचिव डॉ. पल्लवी जैन गोविल ने स्वयंसेवकों का स्वागत करते हुए कहा कि देश के सबसे बड़े राज्य में इतनी बड़ी संख्या में सेवा भावना से प्रेरित युवा स्वयंसेवकों का एकत्र होना गर्व का विषय है।