हाइलाइट्स
• 1 नवंबर से लागू होगा ‘नो PUC, नो फ्यूल’
• BS-6 से नीचे के बाहरी वाहनों की एंट्री पर रोक
• 50% कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम पर जोर
• AI कैमरों से होगी प्रदूषण नियमों की निगरानी
दिल्ली में सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने विंटर एक्शन प्लान तैयार किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में बनाई गई यह कार्य योजना 1 नवंबर से शुरू होकर 28 फरवरी 2027 तक प्रभावी रहेगी। इसके तहत बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) वाले वाहनों को ईंधन नहीं देने और BS-6 उत्सर्जन मानकों से नीचे के बाहरी वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने जैसे कदम शामिल हैं।
सरकार की इस योजना का उद्देश्य राजधानी में हवा की गुणवत्ता में सुधार करना और नागरिकों के लिए स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल पर नियंत्रण, AI कैमरों से निगरानी और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जाएगा।
1 नवंबर से लागू होगा 'नो PUC, नो फ्यूल' नियम
विंटर एक्शन प्लान के तहत 'नो पीयूसी, नो फ्यूल' नीति को सख्ती से लागू करने की योजना है। इसके अनुसार, जिन वाहनों के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र नहीं होगा, उन्हें ईंधन नहीं दिया जाएगा।
इसके अलावा, BS-6 उत्सर्जन मानकों से नीचे के बाहरी वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इन उपायों का उद्देश्य वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करना है।
निर्माण स्थलों पर धूल और नियमों के उल्लंघन पर नजर
योजना में निर्माण स्थलों से होने वाले धूल प्रदूषण को कम करने के लिए भी सख्ती बरतने की बात कही गई है। नियमों का पालन सुनिश्चित करने और उल्लंघन पर प्रभावी कार्रवाई के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित कैमरों का व्यापक इस्तेमाल किया जाएगा।
50 फीसदी कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम पर जोर
दिल्ली सरकार ने प्रदूषण कम करने के लिए 50 फीसदी कर्मचारियों के लिए घर से काम यानी वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। इस कदम का उद्देश्य सड़कों पर निजी वाहनों की संख्या कम करने में मदद करना है।
इसके साथ ही सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की योजना है। बसों और मेट्रो सेवाओं का विस्तार करने पर ध्यान दिया जाएगा, ताकि अधिक लोग निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल कर सकें। इससे सड़कों पर यातायात का दबाव कम करने और वायु प्रदूषण घटाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को भी मिलेगा बढ़ावा
विंटर एक्शन प्लान में लास्ट-माइल कनेक्टिविटी बेहतर करने पर भी जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य लोगों के लिए बस और मेट्रो जैसी सार्वजनिक परिवहन सेवाओं तक पहुंच आसान बनाना है।
सरकार की योजना में निजी वाहनों पर निर्भरता घटाने और सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने जैसे उपाय शामिल हैं। इन कदमों के जरिए दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार लाने और राजधानी को स्वच्छ व स्वस्थ बनाने का लक्ष्य रखा गया है।