Cyclone Arnab: 24 राज्यों में बारिश का अलर्ट, आंध्र-ओडिशा में भारी तबाही का खतरा

Cyclone Arnab: 24 राज्यों में बारिश का अलर्ट, आंध्र-ओडिशा में भारी तबाही का खतरा
  • 28 अक्टूबर को करीब 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश के आसार
  • आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में 150 किमी प्रति घंटे तक हवा के झोंके
  • ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भारी से बेहद भारी बारिश की आशंका
  • पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश, दिल्ली में आसमान साफ रहने का अनुमान

Cyclone Arnab Weather Alert: बंगाल की खाड़ी में सक्रिय बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान अर्नब के चलते देश के कई हिस्सों में मौसम बिगड़ने की आशंका है। 28 अक्टूबर को करीब 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश होने का अनुमान है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी से बेहद भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भी बेहद भारी बारिश हो सकती है। तूफान के प्रभाव से तटीय क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।

आंध्र प्रदेश में 135 किमी प्रति घंटे तक चल सकती हैं हवाएं

चक्रवाती तूफान के प्रभाव से आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में हवा की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। हवा के झोंके 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक चल सकते हैं। ऐसे में तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भी तेज हवाओं के साथ तूफानी मौसम रहने की आशंका है। भारी बारिश से निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने का खतरा बना रह सकता है।

ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भी भारी बारिश का खतरा

तूफान के असर से ओडिशा में कई स्थानों पर भारी से बेहद भारी बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भी बेहद भारी बारिश की संभावना है। लगातार बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति और अन्य परेशानियां पैदा हो सकती हैं। हालांकि, प्रभावित जिलों और बारिश की सटीक तीव्रता की जानकारी के लिए मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन पर नजर रखना जरूरी है।

उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बारिश के आसार

उत्तर भारत में भी मौसम में बदलाव के संकेत हैं। उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में 28 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। मौसम में इस बदलाव के पीछे पश्चिमी विक्षोभ और पूर्वी उत्तर प्रदेश के आसपास बने चक्रवाती परिसंचरण का प्रभाव बताया गया है। वहीं, दिल्ली में बुधवार को आसमान मुख्य रूप से साफ रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग की चेतावनी पर रखें नजर

चक्रवाती तूफान के दौरान तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं और भारी बारिश से जोखिम बढ़ सकता है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना जरूरी है। समुद्र में जाने वाले मछुआरों और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।