भारतीय जनता पार्टी ने सीजेपी नेताओं के विरोध प्रदर्शनों को लेकर विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भाजपा सांसद संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि विरोध प्रदर्शनों के जरिए देश में सत्ता परिवर्तन की कोशिश की जा रही है। उन्होंने राहुल गांधी के विदेश दौरे पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वह विदेश में सत्ता परिवर्तन की रणनीति सीखने गए हैं। हालांकि, ये भाजपा की ओर से लगाए गए आरोप हैं।
सीजेपी नेताओं के प्रदर्शनों पर BJP ने क्या कहा?
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संबित पात्रा ने आशुतोष रांका और सौरव दास की ज्यूडिशियल कस्टडी को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में हुई सुनवाई का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कुछ दिनों से ऐसा माहौल बनाया जा रहा था, जैसे कुछ लोगों को तिरंगा फहराने से रोका जा रहा हो।
पात्रा के मुताबिक, रांका और दास ने बॉन्ड भरकर आश्वासन दिया था कि वे ऐसा कोई काम नहीं करेंगे, जिससे अशांति फैले। उन्होंने आरोप लगाया कि रिहा होने के कुछ घंटे बाद ही दोनों ने अपने पीस बॉन्ड का उल्लंघन किया।
भाजपा सांसद ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान उठे सवालों से प्रदर्शनकारियों का विक्टिम कार्ड कमजोर हुआ है। उन्होंने अदालत की सुनवाई का हवाला देते हुए विरोध प्रदर्शनों के उद्देश्य पर भी सवाल उठाए।
विरोध प्रदर्शनों के पीछे सत्ता परिवर्तन का मकसद होने का आरोप
संबित पात्रा ने दावा किया कि विपक्षी नेताओं के बयानों से विरोध प्रदर्शनों का मकसद स्पष्ट होता है। उनके अनुसार, यह मकसद सत्ता परिवर्तन है।
पात्रा ने आरोप लगाया कि कुछ नेता हिंसा का समर्थन करने की बात भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट ने सीजेपी नेताओं से बार-बार विरोध प्रदर्शन करने के कारणों पर सवाल किया था। उनके मुताबिक, अदालत ने यह भी पूछा कि जब पहले जिस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया गया था, वह खत्म हो चुका है, तो अलग-अलग कारणों से प्रदर्शन क्यों जारी हैं।
भाजपा ने इन प्रदर्शनों को लेकर विपक्ष की मंशा पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि इसके पीछे राजनीतिक उद्देश्य हैं।
राहुल गांधी के विदेश दौरे पर संबित पात्रा का निशाना
भाजपा सांसद ने राहुल गांधी के विदेश दौरे को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने संजय राउत का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने अल्बानिया की जलती हुई संसद की तस्वीरें दिखाईं और भारत में भी ऐसा होने की बात कही थी।
पात्रा ने संजय राउत के उस बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें राहुल गांधी के विदेश जाने और उनके लौटने के बाद की घटनाओं को लेकर टिप्पणी की गई थी।
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए संबित पात्रा ने कहा, 'इनके सरगना राहुल गांधी विदेश गए हैं। वो कोचिंग क्लास लेने गए हैं सोरोस एंड कंपनी से किस प्रकार से देश में सत्ता परिवर्तन किया जाए। कहां उनसे चूक रह गई। कोशिश तो पूरी की थी लेकिन देश के लोगों ने साथ नहीं दिया।'
यह टिप्पणी भाजपा की ओर से राहुल गांधी के विदेश दौरे को लेकर लगाए गए आरोपों का हिस्सा थी।
पीएम मोदी के विजयदशमी भाषण का भी किया जिक्र
संबित पात्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विजयदशमी रैली का उल्लेख करते हुए कहा कि पीएम ने देश के दुश्मनों से सावधान रहने की जरूरत बताई थी।
पात्रा ने कहा कि देश के दुश्मन वे हैं, जो देश से नफरत करते हैं और संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करते हैं। उन्होंने विदेश जाकर देश में आगजनी और चुनावों को प्रभावित करने के तरीके सीखने का आरोप भी लगाया।
भाजपा सांसद ने बांग्लादेश का जिक्र करते हुए उन लोगों पर भी निशाना साधा, जो उनके मुताबिक धार्मिक कट्टरवाद से निपटने के लिए बांग्लादेश का उदाहरण देते हैं।
1 नवंबर के प्रदर्शन को लेकर भी BJP ने उठाए सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में संबित पात्रा ने विपक्ष के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने 1 नवंबर को रामलीला मैदान में बड़े विरोध प्रदर्शन की बात कही है।
पात्रा ने दावा किया कि राहुल गांधी को राजनीतिक रूप से आगे बढ़ाने के लिए देश में अशांति पैदा करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी विदेश में जॉर्ज सोरोस के परिवार के लोगों के साथ बैठकें कर रहे हैं।
भाजपा सांसद ने 1 नवंबर की तारीख का जिक्र करते हुए कहा कि इसी दिन सिखों के खिलाफ हिंसा हुई थी। उन्होंने कहा, 'देश ये सब देख रहा है। हम भी चुप नहीं बैठेंगे।'
इस तरह भाजपा ने सीजेपी नेताओं के विरोध प्रदर्शनों, राहुल गांधी के विदेश दौरे और विपक्ष के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर सवाल उठाए हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए ये आरोप भाजपा के नेताओं के बयान हैं।आरोप लगाए।