कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत दो दिन और बढ़ाए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। दिपके ने सरकार पर आरोप लगाया कि सरकारी तंत्र का इस्तेमाल युवा प्रदर्शनकारियों को डराने और उनकी आवाज दबाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जेल में डालने से युवा न तो डरेंगे और न ही अपनी बात रखना बंद करेंगे।
सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो साझा करते हुए दिपके ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व पर सवाल उठाए। उन्होंने सौरव दास की उम्र का जिक्र करते हुए कहा, 'आपको 26 साल के सौरव दास को जेल में रखकर बहुत ताकतवर महसूस हो रहा होगा। आपको सड़कों पर बच्चों को पीटकर और दिल्ली में बैरिकेड लगाकर छात्रों को घसीटकर बहुत ताकतवर महसूस हो रहा होगा।'
सौरव दास और आशुतोष रांका की हिरासत पर उठाए सवाल
अभिजीत दिपके ने दावा किया कि सौरव दास और आशुतोष रांका जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराने गए थे, लेकिन उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों की सुनवाई बार-बार टाली गई।
इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए दिपके ने कहा, 'क्या यही ताकत है? पुलिस के पीछे छिपना, अदालतों के पीछे छिपना, क्या यही नरेंद्र मोदी की ताकत है?' इसी वीडियो में उन्होंने प्रधानमंत्री को 'कायर' भी कहा।
'पांच दिन जेल में रहने के बाद भी सौरव के चेहरे पर मुस्कान'
दिपके ने सौरव दास के हौसले का जिक्र करते हुए कहा कि पांच दिन जेल में रहने के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। दिपके के मुताबिक, सौरव ने पहले उनसे कहा था कि शायद वह एक दिन भी जेल में नहीं रह पाएंगे।
हालांकि, उन्होंने बताया कि पांच दिन बाद जब सौरव अदालत पहुंचे, तो उनके चेहरे पर मुस्कान थी। न्यायिक हिरासत बढ़ाए जाने की जानकारी मिलने के बाद भी वह डरे नहीं। दिपके ने सौरव के इसी रवैये को ताकत बताते हुए उनकी तारीफ की।
सौरव की मां और प्रदर्शनकारियों के परिवारों का भी किया जिक्र
अपने वीडियो में दिपके ने आशुतोष रांका और दोनों प्रदर्शनकारियों के परिवारों की भी सराहना की। उन्होंने सौरव की मां से हुई बातचीत का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने कहा था, 'मुझे पता है कि वह ठीक रहेगा। वह इतनी आसानी से टूटने वाला नहीं है।'
दिपके ने सरकार पर गिरफ्तारियों और डराने-धमकाने के जरिए असहमति की आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'मोदी जी, मुझे यह कहते हुए अफसोस हो रहा है, लेकिन हममें से कोई भी आपसे डरा हुआ नहीं है। हममें से कोई भी चुप नहीं रहने वाला।'
उन्होंने अपने जेल जाने के अनुभव का भी उल्लेख किया। दिपके के मुताबिक, अगर सरकार को लगता है कि लोगों को जेल भेजकर उनकी आवाज बंद कराई जा सकती है, तो ऐसा नहीं होने वाला।
'इतना मत डराओ कि डर ही खत्म हो जाए'
दिपके ने अपनी बात रखते हुए फिल्म 'मैरी कॉम' के एक संवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, 'किसी को इतना मत डराओ कि उसके अंदर का डर ही खत्म हो जाए।'
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने देश के युवाओं को डराने की पूरी कोशिश की है, लेकिन अब उनके भीतर का डर खत्म हो चुका है। दिपके ने कहा, 'आपने हमें इतना डरा दिया है कि अब हमारे अंदर डर बचा ही नहीं है। इसलिए अब हम डरने वाले नहीं हैं।'